Meaning of
सूर-ए-महशर
soor-e-mahshar • صور محشر
Hindi
पुनरुत्थान की तुरही; न्याय का आह्वान
English
trumpet of resurrection; call of judgment
Urdu
قیامت کی صور; فیصلے کی پکار
Origin
Arabic
Nuance
सूर-ए-महशर समय के अंत में बजने वाली तुरही की शक्तिशाली छवि को जागृत करता है, आत्माओं को न्याय के लिए बुलाता है। यह अंतिमता और दिव्य गणना की भावना को वहन करता है, जो भय और श्रद्धा दोनों को उत्तेजित करता है।
Poetic Usage
कवि इसका उपयोग भाग्य और मानवता के अंतिम भाग्य के विषयों को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर प्रलय या परलोक संबंधी कविताओं में प्रकट होता है, अनिवार्य आह्वान पर जोर देता है।
Closing Insight
सूर-ए-महशर अंत की गंभीरता के साथ गूंजता है, उन अंतिम सत्यों की याद दिलाता है जिनका हमें सभी को सामना करना चाहिए।