Meaning of

सोज़-ए-दाइमी

soz-e-daaimi • سوز دائمی

अनंत पीड़ा; शाश्वत दुःख

eternal pain; everlasting sorrow

دائمی درد; ابدی غم

Persian

‘सोज़-ए-दाइमी’ एक गहरी, अनंत पीड़ा को दर्शाता है जो समय की सीमाओं से परे रहती है। कविता में, यह एक ऐसे दिल की भावना को पकड़ता है जो एक शाश्वत घाव सहता है, एक दर्द जो व्यक्ति के अस्तित्व का हिस्सा बन जाता है।

कवि अक्सर 'सोज़-ए-दाइमी' का उपयोग कुछ दुखों की अपरिहार्यता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। इसे क्षणिक खुशियों के विपरीत रखा जाता है, कुछ भावनात्मक घावों की स्थायित्व को उजागर करते हुए। यह ग़ज़लों में पसंदीदा है, जहाँ प्रेमी का दर्द शाश्वत होता है।

कविता के क्षेत्र में, 'सोज़-ए-दाइमी' कुछ भावनाओं की स्थायी प्रकृति की याद दिलाता है। यह दिल की उस क्षमता को दर्शाता है जो दर्द को पकड़ कर रखता है, उसे एक मार्मिक सुंदरता में बदल देता है।