Meaning of

सोज़-ए-दवाम

soz-e-davaam • سوز دوام

अनंत ज्वाला; निरंतर जुनून

eternal flame; perpetual passion

ابدی شعلہ; دائمی جوش

Persian

'सोज़-ए-दवाम' वाक्यांश मूल रूप से एक अनंत ज्वाला को दर्शाता है। कविता में, यह एक अनवरत जुनून या उत्साह का प्रतीक है जो समय के बीतने के बावजूद बना रहता है।

कवि 'सोज़-ए-दवाम' का उपयोग स्थायी प्रेम और जुनून के विषयों को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह क्षणिक भावनाओं के विपरीत होता है, सच्चे उत्साह की कालातीत प्रकृति को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'सोज़-ए-दवाम' अनंत जुनून का एक प्रकाशस्तंभ बन जाता है। यह हमें उन स्थायी ज्वालाओं की याद दिलाता है जो हमारी आत्माओं को प्रकाशित करती हैं।