Meaning of
सोज़-ओ-गुदाज़-ए-बुल्बुल-ओ-परवाना
soz-o-gudaaz-e-bulbul-o-parwaana • سوز و گداز بلبل و پروانہ
Hindi
बुलबुल और परवाने का दर्द और पिघलना; दुःख और जुनून
English
anguish and melting of nightingale and moth; sorrow and passion
Urdu
بلبل و پروانہ کا درد اور پگھلنا; غم و جذبہ
Origin
Persian
Nuance
'सोज़-ओ-गुदाज़-ए-बुलबुल-ओ-परवाना' वाक्यांश बुलबुल और परवाने से जुड़े तीव्र भावनात्मक उथल-पुथल और आत्म-बलिदान को पकड़ता है। कविता में, यह लालसा की गहराई और प्रेम की भस्म करने वाली प्रकृति का प्रतीक है, जहाँ जुनून आत्म-विनाश की ओर ले जाता है।
Poetic Usage
कवि अक्सर 'सोज़-ओ-गुदाज़-ए-बुलबुल-ओ-परवाना' का उपयोग प्रेम में अंतिम बलिदान को चित्रित करने के लिए करते हैं, जहाँ प्रेमी अपनी ही भावनाओं से भस्म हो जाता है। यह अप्राप्त प्रेम की विनाशकारी शक्ति के लिए एक रूपक के रूप में कार्य करता है।
Closing Insight
जुनून की लपटों में, 'सोज़-ओ-गुदाज़-ए-बुलबुल-ओ-परवाना' प्रेम के बलिदान की मार्मिक सुंदरता को दर्शाता है।