Meaning of

सोज़िश-ए-जाँ

sozish-e-jaan • سوزش جاں

आत्मा की जलन; आंतरिक पीड़ा

burning of the soul; inner torment

روح کی جلن; اندرونی اذیت

Persian

यह शब्द आत्मा के भीतर की गहरी, जलती हुई पीड़ा को दर्शाता है। कविता में, यह उस भावनात्मक आग का सार पकड़ता है जो भीतर से जलाती है, और मौन पीड़ा का एक निशान छोड़ जाती है।

अक्सर अप्राप्त प्रेम की गहरी पीड़ा का वर्णन करने के लिए उपयोग किया जाता है। यह उस जुनून का प्रतीक भी हो सकता है जो कोई सांत्वना नहीं देता। कवि इसे क्षणिक आनंद या शांति के क्षणों के साथ विपरीत कर सकते हैं।

सोज़िश-ए-जाँ आत्मा की मौन, जलती हुई आग को पकड़ता है। यह आंतरिक भावनाओं की स्थायी शक्ति का प्रमाण है।