Meaning of

सुजूद-ए-पैहम

sujood-e-paiham • سجود پیہم

निरंतर साष्टांग प्रणाम; अनवरत भक्ति

continuous prostration; unending devotion

مسلسل سجدہ; نہ ختم ہونے والی عقیدت

Arabic

यह वाक्यांश निरंतर भक्ति और समर्पण की स्थिति को दर्शाता है, अक्सर एक दिव्य उपस्थिति के प्रति। यह एक गहन आध्यात्मिक प्रतिबद्धता का सुझाव देता है, जहाँ साष्टांग प्रणाम का कार्य अनंत श्रद्धा का प्रतीक बन जाता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग अडिग विश्वास और भक्ति के विषयों को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह भक्त की आध्यात्मिक ज्ञान की यात्रा या प्रेमी की अनंत आराधना को चित्रित कर सकता है।

सुजूद-ए-पैहम अनंत भक्ति के सार को पकड़ता है, जहाँ आत्मा निरंतर समर्पण में शांति पाती है।