Meaning of
सुपर्द-ए-ख़ाक
supard-e-khaak • سپرد خاک
Hindi
मिट्टी के सुपुर्द; धरती को सौंपा गया
English
entrusted to dust; committed to the earth
Urdu
سپرد خاک; زمین کے حوالے کیا گیا
Origin
Persian
Ash'aar
Nuance
'सुपर्द-ए-ख़ाक' वाक्यांश धरती में लौटने की गंभीरता को दर्शाता है। यह अंतिमता और स्वीकृति का भार लिए होता है, अक्सर दफन या यात्रा के अंत के संदर्भ में प्रयोग किया जाता है। कविता में, यह जीवन के चक्र और समर्पण में मिलने वाली शांति का प्रतीक है।
Poetic Usage
कवि 'सुपर्द-ए-ख़ाक' का उपयोग मृत्यु और शाश्वत विश्राम के विषयों पर चिंतन करने के लिए करते हैं। यह अक्सर शोकगीतों में दिखाई देता है, जहाँ धरती विदा हुए के लिए पालना बन जाती है। यह वाक्यांश जीवन की जीवंतता के विपरीत है, वापसी में मिलने वाली शांति को उजागर करता है।
Closing Insight
कविता में, 'सुपर्द-ए-ख़ाक' जीवन की क्षणभंगुरता की मार्मिक याद दिलाता है। यह धरती में हमारी वापसी की शांत स्वीकृति को दर्शाता है, अपरिहार्य का कोमल आलिंगन।
