Meaning of
ता-ब-सुब्ह-ए-क़यामत
ta-b-subh-e-qayaamat • تا ب صبح قیامت
Hindi
क़यामत की सुबह तक; अनंत काल तक
English
until the morning of resurrection; until eternity
Urdu
قیامت کی صبح تک; ابد تک
Origin
Arabic
Nuance
'ता-ब-सुब्ह-ए-क़यामत' वाक्यांश में कालातीतता और अनंतता की गहरी भावना होती है। मूल रूप से, यह पुनरुत्थान के दिन को संदर्भित करता है, जो आध्यात्मिक और भविष्यवाणी संबंधी विश्वासों में गहराई से निहित है। कविता में, यह अनंत, अनंत प्रतीक्षा, या प्रेम और लालसा की अमर प्रकृति को उत्पन्न करता है।
Poetic Usage
कवि 'ता-ब-सुब्ह-ए-क़यामत' का उपयोग अनंत भक्ति या लालसा व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर अनंत प्रेम या समय की अनंत प्रकृति के बारे में छंदों में दिखाई देता है। यह वाक्यांश एक शाश्वत वादे के विचार को भी रेखांकित कर सकता है।
Closing Insight
कविता में, 'ता-ब-सुब्ह-ए-क़यामत' अनंत का प्रतीक बन जाता है। यह समय और स्थान को पार करने वाले शाश्वत बंधनों की बात करता है।