Meaning of
ताब-ए-रुख़्सार
taab-e-rukh'saar • تاب رخسار
Hindi
गाल की चमक; चेहरे की आभा
English
glow of the cheek; radiance of the face
Urdu
رخسار کی چمک; چہرے کی روشنی
Origin
Persian
Nuance
'ताब-ए-रुख़्सार' चेहरे की आंतरिक चमक का चित्रण करता है, जो अक्सर सौंदर्य और आकर्षण का प्रतीक होता है। कविता में, यह चमक केवल भौतिक नहीं होती, बल्कि भावनात्मक या आध्यात्मिक आभा का भी संकेत देती है।
Poetic Usage
कवि अक्सर 'ताब-ए-रुख़्सार' का उपयोग प्रियतम की मोहक सुंदरता का वर्णन करने के लिए करते हैं। यह किसी पात्र की आंतरिक रोशनी को भी दर्शा सकता है, जो गहरे विषयों या भावनाओं के विपरीत होती है।
Closing Insight
'ताब-ए-रुख़्सार' अपनी काव्यात्मक सार में उस प्रकाशमान सुंदरता को पकड़ता है जो भौतिकता से परे है, हृदय और आत्मा के क्षेत्रों को छूती है।