Meaning of

तब-ए-ग़यूर

tab-e-ghayoor • تب غیرور

गर्वीला स्वभाव; महान आत्मा

proud temperament; noble spirit

غیرت مند مزاج; عظیم روح

Persian

तब-ए-ग़यूर गर्व और गरिमा की भावना को समेटे हुए है। कविता में, यह अक्सर उस व्यक्ति की आंतरिक शक्ति और अडिग आत्मा को दर्शाता है जो अपने विश्वासों में दृढ़ रहता है।

कवि इस शब्द का उपयोग उन पात्रों की दृढ़ता और सम्मान को उजागर करने के लिए करते हैं जो अपने मूल्यों से समझौता करने से इनकार करते हैं।

तब-ए-ग़यूर ईमानदारी और आत्म-सम्मान के शाश्वत संघर्ष के साथ गूंजता है।