Meaning of

तफ़ाख़ुर

tafaakhur • تفاخُر

गर्व; डींग

pride; boastfulness

فخر; شیخی

Arabic

'तफ़ाख़ुर' उस गर्व का सार पकड़ता है जो अहंकार की सीमा पर होता है। कविता में, यह अक्सर आत्मविश्वास और घमंड के खतरों के बीच के तनाव को उजागर करता है।

कवि 'तफ़ाख़ुर' का उपयोग गर्व और उसके परिणामों के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह आत्मविश्वास और अहंकार के बीच की महीन रेखा को दर्शा सकता है।

काव्य परिदृश्य में, 'तफ़ाख़ुर' गर्व और विनम्रता के बीच के नाजुक संतुलन की याद दिलाता है।