Meaning of
तजाहुल-पेशगी
tajaahul-peshagi • تجاہل پیشگی
Hindi
जानबूझकर अनदेखी; जानबूझकर उपेक्षा
English
feigned ignorance; deliberate neglect
Urdu
جان بوجھ کر لاعلمی; جان بوجھ کر نظرانداز کرنا
Origin
Arabic
Nuance
'तजाहुल-पेशगी' उस सूक्ष्म कला को दर्शाता है जिसमें किसी बात को न जानने का नाटक किया जाता है, अक्सर गरिमा बनाए रखने या टकराव से बचने के लिए। कविता में, यह मानवीय संबंधों की जटिलता को दर्शाता है जहाँ मौन बहुत कुछ कहता है।
Poetic Usage
कवि अक्सर इस शब्द का उपयोग अनकहे भावों की खोज के लिए करते हैं। यह प्रेमी के मौन पीड़ा या संघर्ष से गरिमापूर्ण वापसी को दर्शा सकता है।
Closing Insight
जानने और न जानने के मौन नृत्य में, 'तजाहुल-पेशगी' अपनी काव्यात्मक गरिमा पाता है।