Meaning of

तख़रीब-ए-जहाँ

takhreeb-e-jahaan • تخریب جہاں

दुनिया का विनाश; अस्तित्व की अराजकता

destruction of the world; chaos of existence

دنیا کی تباہی; وجود کی افراتفری

Persian

यह वाक्यांश गहरे नुकसान और अव्यवस्था की भावना को जागृत करता है, एक ऐसी दुनिया का सुझाव देता है जो अपनी सीमाओं पर बिखर रही है। कविता में, यह अक्सर नैतिक या सामाजिक व्यवस्था के पतन का प्रतीक होता है, व्यक्तियों या समाजों के आंतरिक उथल-पुथल को दर्शाता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग मानव निर्मित संरचनाओं की नाजुकता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह शांति की क्षणभंगुर प्रकृति या सभ्यताओं के अनिवार्य क्षय को दर्शा सकता है।

अपनी गहराई में, 'तख़रीब-ए-जहाँ' सृजन और विनाश के शाश्वत नृत्य की बात करता है।