Meaning of

ताक़-ए-जाँ

taq-e-jaan • طاق جاں

जीवन की दहलीज़; अस्तित्व की कगार

threshold of life; brink of existence

زندگی کی دہلیز; وجود کی کنار

Persian

‘ताक़-ए-जाँ’ जीवन और अज्ञात के बीच की नाज़ुक सीमा को दर्शाता है। यह आत्मचिंतन का क्षण सुझाता है, जहाँ व्यक्ति अपने अस्तित्व के किनारे पर खड़ा होकर असीमता का विचार करता है।

कवि अक्सर ‘ताक़-ए-जाँ’ का उपयोग अस्तित्वीय चिंतन और जीवन की नाज़ुकता के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह एक मोड़ या गहन अनुभूति का क्षण दर्शा सकता है।

कविता में, ‘ताक़-ए-जाँ’ आत्मा की शांत जिज्ञासाओं का प्रतिबिंब बन जाता है। यह जीवन की क्षणभंगुर सुंदरता की कोमल याद दिलाता है।