Meaning of

तक़दीर

taqdeer • تقدیر

भाग्य; नियति; किस्मत

destiny; fate; fortune

تقدیر; قسمت; نصیب

Arabic

तुम सितारों के भरोसे पे न बैठे रहना
अपनी तदबीर से तक़दीर बनाते जाओ

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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले
ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है

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ये ज़ुल्फ़ अगर खुल के बिखर जाए तो अच्छा
इस रात की तक़दीर सँवर जाए तो अच्छा

जिस तरह से थोड़ी सी तेरे साथ कटी है
बाक़ी भी उसी तरह गुज़र जाए तो अच्छा

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मैं उन्हीं आबादियों में जी रहा होता कहीं
तुम अगर हँसते नहीं उस दिन मेरी तक़दीर पर

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मेरी तक़दीर में जलना है तो जल जाऊँगा
तेरा वा'दा तो नहीं हूँ जो बदल जाऊँगा

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मैं ने मेहनत से हथेली पे लकीरें खींचीं
वो जिन्हें कातिब-ए-तक़दीर नहीं खींच सका

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कहीं गुलाल के हिस्से में कोई गाल नहीं
कहीं पे गाल की तक़दीर में गुलाल नहीं

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शायद अगली इक कोशिश तक़दीर बदल दे
ज़हर तो जब जी चाहे खाया जा सकता है

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पलटा दे तक़दीर हमारी
आ कर माथा चूम हमारा

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खो दिया तुम को तो हम पूछते फिरते हैं यही
जिस की तक़दीर बिगड़ जाए वो करता क्या है

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तुम सितारों के भरोसे पे न बैठे रहना
अपनी तदबीर से तक़दीर बनाते जाओ

27

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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले
ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है

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'तक़दीर' शब्द में भाग्य की अवधारणा है, एक अदृश्य शक्ति जो जीवन की दिशा को निर्देशित करती है। कविता में यह मानव प्रयास और अनिवार्यता के बीच के तनाव को दर्शाता है, जीवन के रहस्यमय विकास को पकड़ता है।

कवि 'तक़दीर' का उपयोग अक्सर पूर्वनिर्धारण और स्वतंत्र इच्छा के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह चयन और भाग्य के बीच के संतुलन पर सवाल उठाता है, अक्सर पाठकों को विचार में छोड़ देता है।

काव्यिक क्षेत्र में, 'तक़दीर' भाग्य और स्वतंत्रता के बीच के नाजुक नृत्य की याद दिलाता है।