Meaning of

तराज़

taraaz • تراز

संतुलन; तराजू; समता

balance; scale; equilibrium

توازن; ترازو; برابری

Arabic

अच्छा तुम्हें एतराज़ रोने से भी अब मिरे
ख़ंजर भी है घोंपना ख़ूँ भी नहीं चाहते

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तुम बिजलियाँ रखो तो रखो हुस्न की यहाँ
हम भी तराज़ू में ये दिल-ए-ज़ार रख चुके

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जो मोहब्बत लुटाया करते थे
वो तराज़ू ख़रीद लाए हैं

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नया साल आया चुनौती नई है
तराज़ू नया है कसौटी नई है

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लखनऊ में आप जैसे ही पधारो और बस
मुस्कुराओ बिन तराज़ू तोल मेरे शहर में

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नहीं मालूम हम कैसे तराज़ू बन गए है
बने तो थे किसी का हाथ बाज़ू बन गए है

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तराज़ू हाथ में लो भाव को अब तोलना होगा
अभी तक चुप रहे थे तुम मगर अब बोलना होगा

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तोलकर देखा तराज़ू में सभी कुछ डालकर जो
सब मुक़ाबिल एक आँसू के मुझे हल्का दिखा है

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तराज़ू थामिए और तौल दीजे
हमें बिकने का इक माहौल दीजे

मोहब्बत आई है और हम सेे मिलने
ज़रा उस मेज़ से पिस्तौल दीजे

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तराज़ू कैसा है ये न्याय का जो
ग़रीबों की तरफ़ झुकता नहीं है

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अच्छा तुम्हें एतराज़ रोने से भी अब मिरे
ख़ंजर भी है घोंपना ख़ूँ भी नहीं चाहते

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तुम बिजलियाँ रखो तो रखो हुस्न की यहाँ
हम भी तराज़ू में ये दिल-ए-ज़ार रख चुके

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तराज़ शब्द संतुलन की एक नाज़ुक छवि प्रस्तुत करता है, एक ऐसा तराजू जो केवल वजन नहीं बल्कि जीवन के संतुलन को भी मापता है। कविता में, यह अक्सर विपरीत भावनाओं या स्थितियों के बीच की महीन रेखा का प्रतीक होता है।

कवि 'तराज़' का उपयोग न्याय और निष्पक्षता के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह आत्मा के वजन या प्रेम और कर्तव्य के बीच संतुलन का प्रतिनिधित्व कर सकता है। यह शब्द अक्सर नैतिक दुविधाओं या मानव स्वभाव की द्वैतता पर विचार करने वाली कविताओं में प्रकट होता है।

कविता के क्षेत्र में, 'तराज़' जीवन की मांगों के नाज़ुक संतुलन की याद दिलाता है। यह एक ऐसा शब्द है जो दिल के गहरे संघर्षों को तौलता है।