Meaning of
तर्क-ए-मय-परस्ती
tark-e-may-parasti • ترک مے پرستی
Hindi
मदिरा-पूजा का त्याग; भोग से विरक्ति
English
renunciation of wine worship; abstinence from indulgence
Urdu
شراب پرستی کا ترک; عیش سے کنارہ کشی
Origin
Persian
Nuance
यह वाक्यांश मदिरा और भोग के मोह को छोड़ने की भावना को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर एक गहरी आध्यात्मिक जागृति या पवित्रता की खोज के लिए एक सचेत निर्णय का प्रतीक होता है।
Poetic Usage
कवि इस वाक्यांश का उपयोग नायक के जीवन में एक मोड़ को दर्शाने के लिए करते हैं। यह सांसारिक सुखों और आध्यात्मिक खोजों के बीच विरोधाभास को दर्शाता है। यह इच्छा और अनुशासन के बीच संघर्ष को भी उजागर कर सकता है।
Closing Insight
'तर्क-ए-मय-परस्ती' अपनी काव्यात्मक सार में भोग से ज्ञान की ओर हृदय की यात्रा को व्यक्त करता है।