Meaning of

तर्ज़-ए-ख़िराम

tarz-e-khiraam • طرز خرام

चलने की शैली; गति का तरीका

style of walking; manner of movement

چلنے کا انداز; حرکت کا طریقہ

Persian

मूल रूप से 'तर्ज़-ए-ख़िराम' का अर्थ है किसी के चलने में निहित सुंदरता और गरिमा। कविता में इस शब्द का उपयोग अक्सर प्रिय के कोमल और मोहक चलने के चित्रण के लिए किया जाता है, जो समय के प्रवाह या जीवन की धारा का प्रतीक हो सकता है।

'तर्ज़-ए-ख़िराम' का उपयोग कवि अक्सर प्रेमी के मोहक चलने का वर्णन करने के लिए करते हैं। यह एक यात्रा का भी संकेत दे सकता है जो गरिमा से भरी हो। यह शब्द कठोर या जल्दी-जल्दी की गई गतियों के विपरीत होता है, जो शांति और आकर्षण का एहसास कराता है।

'तर्ज़-ए-ख़िराम' की कोमल लय में, गति की कविता स्वयं प्रकट होती है। यह गरिमा और समय का नृत्य है।