Meaning of
तस्ख़ीर-ए-सुख़न
taskheer-e-sukhun • تسخیر سخن
Hindi
वाणी की विजय; वाक्पटुता में निपुणता
English
conquest of speech; mastery of eloquence
Urdu
سخن کی فتح; فصاحت میں مہارت
Origin
Persian
Nuance
तस्ख़ीर-ए-सुख़न शब्दों की शक्ति और आकर्षण की बात करता है। यह भाषा पर उस महारत का सुझाव देता है जो मोहित और प्रेरित करती है। कविता में, यह कवि की उस क्षमता का प्रतीक है जो वाक्पटुता के माध्यम से जादू बुनती है, साधारण शब्दों को एक ऐसी शक्ति में बदल देती है जो दिलों और दिमागों को हिला सकती है।
Poetic Usage
कवि अक्सर ‘तस्ख़ीर-ए-सुख़न’ का उपयोग भाषा की परिवर्तनकारी शक्ति को उजागर करने के लिए करते हैं। यह प्रेमी के शब्दों के आकर्षक जादू या नेता की प्रभावशाली वाक्पटुता को दर्शा सकता है। यह वाक्-कला के सार को पकड़ता है।
Closing Insight
तस्ख़ीर-ए-सुख़न हमें शब्दों की असीम संभावनाओं की याद दिलाता है। यह वाक्पटुता के स्थायी जादू का प्रमाण है।