Meaning of

तौहीन-ए-जमाल

tauheen-e-jamaal • توہین جمال

सौंदर्य का अपमान; शिष्टता का अनादर

insult to beauty; disrespect of elegance

خوبصورتی کی توہین; نزاکت کی بے حرمتی

Persian

'तौहीन-ए-जमाल' सुंदरता को छोटा या नजरअंदाज करने के कार्य को पकड़ता है। यह तब की गई अन्याय की भावना को जगाता है जब कृपा और शिष्टता को महत्व नहीं दिया जाता या तिरस्कार के साथ व्यवहार किया जाता है।

कवि 'तौहीन-ए-जमाल' का उपयोग अक्सर सौंदर्य और कला की सामाजिक उपेक्षा को उजागर करने के लिए करते हैं। यह कम आंके जाने या अप्रशंसित महसूस करने के व्यक्तिगत अनुभवों को दर्शा सकता है।

कविता में, 'तौहीन-ए-जमाल' सभी रूपों में सुंदरता को संजोने और सम्मानित करने की आवश्यकता की एक मार्मिक याद दिलाता है।