Meaning of

तिरस्कार

tirskaar • ترسکار

अवमानना; तिरस्कार; घृणा

disdain; contempt; scorn

حقارت; نفرت; تحقیر

Sanskrit

तिरस्कार शब्द गहरी अवमानना की भावना को जगाता है, जो अक्सर उन कार्यों या विचारों की ओर निर्देशित होती है जो किसी की गरिमा से नीचे माने जाते हैं। कविता में, यह अस्वीकृति की तीखी चुभन और उदासीनता की ठंडक को पकड़ता है।

कवि अक्सर 'तिरस्कार' का उपयोग अप्रत्याशित प्रेम की कड़वाहट को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह असामान्य के प्रति समाज की अवमानना को भी दर्शा सकता है। यह शब्द 'सम्मान' के विपरीत है, जो सम्मान की अनुपस्थिति को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'तिरस्कार' मानव की अवमानना की क्षमता का मार्मिक अनुस्मारक है। यह प्रेम और घृणा के बीच के नाजुक संतुलन को उजागर करता है।