Meaning of

तिश्नगी-ए-जाँ

tishnagi-e-jaan • تشنگی جاں

आत्मा की प्यास; आत्मा की तड़प

thirst of the soul; yearning of the spirit

روح کی پیاس; روح کی تڑپ

Persian

यह शब्द आत्मा के भीतर एक गहरी, बुझने न वाली प्यास को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर एक अस्तित्वगत तड़प या एक गहरी इच्छा का प्रतीक होता है जो भौतिक क्षेत्र से परे होती है। यह तड़प केवल पानी या पोषण के लिए नहीं है, बल्कि कुछ अधिक सूक्ष्म और मायावी के लिए है।

कवि अक्सर इस शब्द का उपयोग गहरी, आध्यात्मिक तड़प को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह आत्मा की अर्थ, प्रेम, या दिव्य संबंध की खोज को दर्शा सकता है। यह भौतिक प्यास के विपरीत है, जो इच्छा की अमूर्त प्रकृति को उजागर करता है।

'तिश्नगी-ए-जाँ' अपनी मूल में आत्मा की पूर्णता की अनंत खोज को पकड़ता है। यह मानव तड़प की गहरी गहराइयों की याद दिलाता है।