Meaning of

तोहमत-ए-इश्क़

tohmat-e-ishq • زیاں خانہ

प्रेम का आरोप; स्नेह का दोष

accusation of love; blame of affection

محبت کا الزام; عشق کا قصور

Persian

तोहमत-ए-इश्क़ एक ऐसा आरोप है जो कोमल और गहरा होता है। यह प्रेम के साथ आने वाली उस नाज़ुकता की बात करता है, जहाँ स्नेह ही विवाद का विषय बन जाता है। कविता ने इस शब्द को प्रेम की मधुर-कड़वी प्रकृति को उजागर करने के लिए अपनाया है, जहाँ दिल ही आरोपी और अभियुक्त दोनों होता है।

कवि अक्सर तोहमत-ए-इश्क़ का उपयोग प्रेम की जटिलताओं में गहराई से उतरने के लिए करते हैं, जहाँ स्नेह को सराहा भी जाता है और प्रश्न भी किया जाता है। यह एक ऐसा शब्द है जो प्रेम की पवित्रता और उसके घाव देने की क्षमता के विरोधाभास को उजागर करता है। इस शब्द को अक्सर मासूमियत के शब्दों के साथ विपरीत किया जाता है, प्रेम के आरोपों की विडंबना को उजागर करते हुए।

तोहमत-ए-इश्क़ प्रेम की द्वैत प्रकृति की याद दिलाता है, जहाँ कोमलता और अशांति सह-अस्तित्व में होते हैं। यह दिल के अनंत संघर्ष को पकड़ता है।