Meaning of

तोहमत-ए-ज़ोहद

tohmat-e-zohd • تہمت زہد

धर्मपरायणता का आरोप; तपस्या का आरोप

accusation of piety; charge of asceticism

زہد کا الزام; تقویٰ کا الزام

Arabic

'तोहमत-ए-ज़ोहद' मूल रूप से किसी पर अत्यधिक धर्मपरायण या तपस्वी होने का आरोप लगाने का अर्थ है। कविता में, यह गुणों के लिए आलोचना किए जाने की विडंबना को दर्शाता है, जो एक गहरे सामाजिक टिप्पणी का सुझाव देता है।

कवि 'तोहमत-ए-ज़ोहद' का उपयोग उन सामाजिक मानदंडों की आलोचना करने के लिए करते हैं जो गुणों को दंडित करते हैं। यह अक्सर नैतिक निर्णय के विरोधाभास और मानव व्यवहार की जटिलताओं को उजागर करने के लिए उपयोग किया जाता है।

'तोहमत-ए-ज़ोहद' में, कविता गुण के निर्णय पर सवाल उठाने के लिए एक आवाज़ पाती है, नैतिक जांच की विडंबना को प्रकट करती है।