Meaning of

त्रास

traas • تراس

भय; आतंक; डर

fear; terror; dread

خوف; دہشت; ڈر

Sanskrit

मूल रूप से, 'त्रास' एक गहरी, अस्थिर करने वाली भय की भावना को व्यक्त करता है जो दिल को जकड़ लेता है। कविता में यह भय अस्तित्वगत आतंक, अज्ञात का मौन भय और मन के कोनों में छिपे साये का रूपक बन जाता है।

'त्रास' का उपयोग कवि अक्सर उन मौन भय को उजागर करने के लिए करते हैं जो मानव आत्मा को सताते हैं। यह किसी पात्र के आंतरिक उथल-पुथल या आसन्न भाग्य के व्यापक भय का प्रतीक हो सकता है।

कविता में, 'त्रास' भीतर के सायों को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण बन जाता है। यह उन भय की याद दिलाता है जिन्हें हम अपने भीतर रखते हैं, अक्सर अदृश्य लेकिन गहराई से महसूस किए जाते हैं।