Meaning of

तुलू-ओ-ग़ुरूब

tuloo-o-ghuroob • طلوع و غروب

उदय और अस्त; सुबह और शाम

rise and set; dawn and dusk

طلوع اور غروب; صبح اور شام

Arabic

यह वाक्यांश समय की चक्रीय प्रकृति को पकड़ता है, शुरुआत और अंत का शाश्वत नृत्य। कविता में, यह अक्सर समय के प्रवाह और जीवन की क्षणभंगुर प्रकृति का प्रतीक होता है।

कवि 'तुलू-ओ-ग़ुरूब' का उपयोग परिवर्तन की अनिवार्यता पर विचार करने के लिए करते हैं। यह एक क्षणभंगुर क्षण की सुंदरता या बीतते समय की उदासी को जागृत कर सकता है।

'तुलू-ओ-ग़ुरूब' अपनी काव्यात्मक गहराई में जीवन की क्षणभंगुर सुंदरता की याद दिलाता है। यह समय के शाश्वत प्रवाह की एक कोमल फुसफुसाहट है।