Meaning of

तुर्रा

turra • طرہ

कलगी; पंख; चोटी

crest; plume; topknot

کلغی; پر; چوٹی

Persian

ख़तरा तो लंका के ऊपर है साहब
अपना क्या है पूंछ बढ़ाते जाना है

4

Download Image

ख़ुद को मनवाने का मुझ को भी हुनर आता है
मैं वो कतरा हूँ समुंदर मेरे घर आता है

84

Download Image

आँखों को मूँद लेने से ख़तरा न जाएगा
वो देखना पड़ेगा जो देखा न जाएगा

84

Download Image

अब नहीं कोई बात ख़तरे की
अब सभी को सभी से ख़तरा है

58

Download Image

सब को बचाओ ख़ुद भी बचो फ़ासला रखो
अब और कुछ करो न करो फ़ासला रखो

ख़तरा तो मुफ़्त में भी नहीं लेना चाहिए
घर से निकल के मोल न लो फ़ासला रखो

46

Download Image

इशरत-ए-क़तरा है दरिया में फ़ना हो जाना
दर्द का हद से गुज़रना है दवा हो जाना

37

Download Image

ये ग़ज़लगोई शय तो ठीक है पर
एक ख़तरा है जान जाने का

36

Download Image

तुर्रा-ए-काकुल-ए-पेचाँ रुख़-ए-नूरानी पर
चश्मा-ए-आईना में साँप सा लहराता है

18

Download Image

तारे नफ़स पर उँगली रख दी छेड़ के तू ने बात ग़ज़ल की
नोके क़लम से क़तरा-क़तरा जारी हैं रिशहात ग़ज़ल की

8

Download Image

मैं अश्क सारे पी गया, हर कतरा लाजवाब था
यादों का खारा दरिया ये, मानो कोई शराब था

7

Download Image

ख़तरा तो लंका के ऊपर है साहब
अपना क्या है पूंछ बढ़ाते जाना है

4

Download Image

ख़ुद को मनवाने का मुझ को भी हुनर आता है
मैं वो कतरा हूँ समुंदर मेरे घर आता है

84

Download Image

'तुर्रा' शब्द एक भव्य कलगी या पंख की छवि प्रस्तुत करता है, जो अक्सर योद्धाओं या रईसों के सिर पर शोभायमान होता है। कविता में, यह गर्व, शान और सौंदर्य की चरम सीमा का प्रतीक है। हवा में धीरे-धीरे लहराते पंख की छवि में एक प्रकार की शालीनता और गति का भाव होता है।

'तुर्रा' का प्रयोग कवि अक्सर प्रियजनों की शान का वर्णन करने के लिए करते हैं, उनके सौंदर्य की तुलना शाही पंख से करते हैं। यह भावनात्मक या आध्यात्मिक यात्रा की चरम सीमा को भी दर्शा सकता है, जहाँ आत्मा अपनी उच्चतम अभिव्यक्ति तक पहुँचती है।

'तुर्रा' शान और सौंदर्य की चरम सीमा का सार प्रस्तुत करता है। यह गर्व और शालीनता की अंतिम अभिव्यक्ति का प्रतीक है।