Meaning of
वहशत-ए-जाँ
vahshat-e-jaan • وحشت جاں
Hindi
आत्मा की व्याकुलता; अस्तित्व की पीड़ा
English
anguish of the soul; torment of existence
Urdu
روح کی وحشت; وجود کی اذیت
Origin
Persian
Nuance
यह वाक्यांश एक गहरी, अस्तित्वगत बेचैनी को दर्शाता है, जो व्यक्ति के अस्तित्व में व्याप्त होती है। कविता में, यह आत्मा के उथल-पुथल को पकड़ता है, जो अक्सर एक गहरे आंतरिक संघर्ष या लालसा को दर्शाता है।
Poetic Usage
कवि इस वाक्यांश का उपयोग अस्तित्वगत भय और अर्थ की खोज के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह अक्सर जीवन की प्रकृति और आत्मा की यात्रा पर विचार करने वाले छंदों में प्रकट होता है।
Closing Insight
कविता में, 'वहशत-ए-जाँ' आत्मा के गहरे भय और इच्छाओं को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण बन जाता है।