Meaning of

वहशत-ए-जाँ

vahshat-e-jaan • وحشت جاں

आत्मा की व्याकुलता; अस्तित्व की पीड़ा

anguish of the soul; torment of existence

روح کی وحشت; وجود کی اذیت

Persian

यह वाक्यांश एक गहरी, अस्तित्वगत बेचैनी को दर्शाता है, जो व्यक्ति के अस्तित्व में व्याप्त होती है। कविता में, यह आत्मा के उथल-पुथल को पकड़ता है, जो अक्सर एक गहरे आंतरिक संघर्ष या लालसा को दर्शाता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग अस्तित्वगत भय और अर्थ की खोज के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह अक्सर जीवन की प्रकृति और आत्मा की यात्रा पर विचार करने वाले छंदों में प्रकट होता है।

कविता में, 'वहशत-ए-जाँ' आत्मा के गहरे भय और इच्छाओं को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण बन जाता है।