Meaning of

वहशत-ए-जुनूँ

vahshat-e-junoon • وحشت جنوں

उन्माद का जुनून; दीवानगी की धुन

madness of passion; frenzy of obsession

جنون کا جنون; دیوانگی کی دھن

Persian

'वहशत-ए-जुनूँ' एक तीव्र जुनून की स्थिति को व्यक्त करता है जो पागलपन की सीमा पर होता है। कविता में, यह भावनाओं की प्रबल शक्ति को पकड़ता है जो किसी को तर्क की कगार पर ले जाती है, जहाँ प्रेम और जुनून पागलपन की सीमाओं को धुंधला कर देते हैं।

कवि 'वहशत-ए-जुनूँ' का उपयोग प्रेम और इच्छा की चरम सीमाओं की खोज के लिए करते हैं। इसे अक्सर एक भस्म करने वाली आग के रूप में चित्रित किया जाता है, एक ऐसी शक्ति जो तर्क को नकारती है और अराजकता को गले लगाती है।

कविता में, 'वहशत-ए-जुनूँ' प्रेम की जंगली और अनियंत्रित आत्मा का अवतार है।