Meaning of
वाजिब-ए-सज्दा
waajib-e-sajda • واجب سجدہ
Hindi
साष्टांग प्रणाम के योग्य; श्रद्धा के योग्य
English
worthy of prostration; deserving of reverence
Urdu
سجدے کے لائق; عقیدت کے لائق
Origin
Arabic
Nuance
यह वाक्यांश गहरी श्रद्धा और सम्मान का सुझाव देता है, जो अक्सर दिव्य या अत्यंत पुण्यवान के लिए आरक्षित होता है। कविता में, यह विषय को लगभग पवित्रता की स्थिति में ले जाता है, विस्मय और विनम्रता को प्रेरित करता है।
Poetic Usage
गहरी प्रशंसा या आध्यात्मिक श्रद्धा व्यक्त करने के लिए उपयोग किया जाता है। यह सांसारिक या तुच्छ मामलों के विपरीत होता है, विषय की असाधारण प्रकृति को उजागर करता है।
Closing Insight
साष्टांग प्रणाम के योग्य होना साधारण से परे श्रद्धा को प्रेरित करना है।