Meaning of

वक़्त-ए-रुख़्सत

waqt-e-rukhsat • وقت رخصت

विदा का समय; विदाई का क्षण

time of departure; moment of farewell

وقت رخصت; الوداع کا لمحہ

Persian

वक़्त-ए-रुख़्सत थी नमी उस की भी आँखों में जब
प्यार 'आसिफ़' का भला कैसे भुलाया होगा

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वक़्त-ए-रुख़्सत आब-दीदा आप क्यूँँ हैं
जिस्म से तो जाँ हमारी जा रही है

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सब हो ये वक़्त-ए-रुख़्सत न हो
हो मुलाक़ात आफ़त न हो

तुम तसव्वुर में आती रहो
दिल लगे तुम सेे नफ़रत न हो

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वक़्त-ए-रुख़्सत थी नमी उस की भी आँखों में जब
प्यार 'आसिफ़' का भला कैसे भुलाया होगा

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बुजुर्गों की रिवायत अब सँभालो तुम
हुई है उम्र 'साहिल' वक़्त-ए-रूख़्सत है

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वक़्त-ए-रुख़्सत थी नमी उस की भी आँखों में जब
प्यार 'आसिफ़' का भला कैसे भुलाया होगा

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वक़्त-ए-रुख़्सत आब-दीदा आप क्यूँँ हैं
जिस्म से तो जाँ हमारी जा रही है

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वक़्त-ए-रुख़्सत विदाई की मधुर-कड़वी भावना को पकड़ता है। यह एक ऐसा क्षण है जो भावनाओं से भरा होता है, जहाँ दिल पकड़ने और छोड़ने के बीच फटा होता है। कविता में, यह जीवन की क्षणभंगुर प्रकृति का रूपक बन जाता है, जहाँ हर मुलाकात के पीछे जुदाई की अनिवार्यता छिपी होती है।

कवि वक़्त-ए-रुख़्सत का उपयोग हानि और लालसा के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह यात्रा के अंत, अध्याय के समापन, या विदाई के बाद की मार्मिक चुप्पी का संकेत दे सकता है। यह शब्द अक्सर एक प्रकार की पुरानी यादों और चिंतन की भावना को जागृत करता है।

वक़्त-ए-रुख़्सत जीवन की अस्थिरता की कोमल याद दिलाता है। यह हमें हर क्षण को संजोने के लिए आमंत्रित करता है, यह जानते हुए कि विदाई अपरिहार्य है।