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Bashir Badr
(Shayar)
SHER
कभी उल्टा कभी सीधा बनेगा
बनाओगे तभी चेहरा बनेगा
Sanskar Shrivastav
✦ WRITER
Darpan
GHAZAL
रात कटती है तन्हा मिरी आजकल
ज़िंदगी में है तेरी कमी आजकल
SAAGAR SINGH RAJPUT
SHER
उन लड़कों को क्या बीमारी होती है
जिनकी हर लड़की से यारी होती है
Sanskar Shrivastav
SHER
उतर आता है आँखों में कभी भी
हमारा ख़ून आँसू बन गया है
Sanskar Shrivastav
SHER
सागर मंथन करते रहना
विष पीने वाला बैठा है
Sanskar Shrivastav
SHER
अजब चराग़ हूँ दिन रात जलता रहता हूँ
मैं थक गया हूँ हवा से कहो बुझाए मुझे
Bashir Badr
SHER
मुमकिन हो आप से तो भुला दीजिए मुझे
पत्थर पे हूँ लकीर मिटा दीजिए मुझे
Shahzad Ahmad
✦ WRITER
Shadab Javed
NAZM
"हमेशा देर कर देता हूँ"
— Muneer Niyazi
SHER
बंद आँखों से एक बात कहूँ
आप जैसा कोई हसीन नहीं
Kasim Memon
SHER
तेरी क़समें तेरे वा'दे तेरी बाहें तेरी यादें
सभी मिल कर बताते हैं तेरा किरदार झूठा है
Arman Habib
SHER
दो चार दिन की बात है ये ज़िंदगी की बात
दो चार दिन के प्यार का क़ाइल नहीं हूँ दोस्त
Saghar Siddiqui
SHER
हसीन वक़्त मयकशी में बाँटना
यहाँ जो ग़म मिले सभी में बाँटना
Nikhil Tiwari 'Nazeel'
GHAZAL
जब वो अचानक सामने आ कर बैठ गए
मिसरा क्या हम होश भुला कर बैठ गए
Mukesh Guniwal "MAhir"
SHER
जीत की उम्मीद भी मर जाएगी
आख़िरी सिक्का उछल जाए अगर
Deva morya 'Raahi'
GHAZAL
वहीं पे ग़म है जहाँ पर ख़ुशी पड़ी हुई है
और उन के बीच में भी दुश्मनी पड़ी हुई है
Ejaz Haidar
SHER
है आँख अपने ही पानी में डूब कर ज़िंदा
दिल अपने मलबे के नीचे पड़ा धड़कता है
Abid Sial
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