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Ghazal
Nazm
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GHAZAL
नेकियों का सवाब है कितना
ये ज़माना ख़राब है कितना
Wasif Quazi
SHER
तेरी यादों से मुनव्वर हर पहर रखता हूँ मैं
दश्त-ए-ग़म में भी वफ़ाओं का सफ़र रखता हूँ मैं
karanpandey
SHER
इक तस्वीर मुकम्मल कर के उन आँखों से डरता हूँ
फ़स्लें पक जाने पर जैसे दहशत इक चिंगारी की
Zulfiqar aadil
✦ WRITER
Ankit Maurya
SHER
मैं कहीं और दोस्त क्यूँ ढूँडूँ
जब मिरे साथ है मिरा भाई
SAAGAR SINGH RAJPUT
GHAZAL
तिश्ना-लब ये बंजारे दश्त में भटकते हैं
आफ़ताब क्यूँ तेरी आँख में खटकते हैं
Ajeetendra Aazi Tamaam
♫ AUDIO
निय्यत-ए-शौक़ भर न जाए कहीं
Nasir Kazmi (Shayar)
NAZM
"दोस्त के नाम ख़त"
— Ali Zaryoun
SHER
तुम ये जहाँ मेरे अलावा देख लो
दुनिया में कितना है छलावा देख लो
Vinod Ganeshpure
GHAZAL
पाँव में जब ये आबले आए
सर उठाने के हौसले आए
Javed Aslam
SHER
रोज़ कितनों से यहाँ मिलता हूँ
काश ख़ुद से भी कभी मिल पाता
Wasif Quazi
SHER
सुख़न पर यूँ फ़ना है दिल कि ये शाइर हमारा हो
मगर देखा कहाँ है जो तसव्वुर से गुज़ारा हो
Akash Kumar
GHAZAL
उल्फ़त न सही दिल को जलाने के लिए आ
आ फिर से मिरा नफ़्स मिटाने के लिए आ
REHAN KHAN
GHAZAL
इक बार रू-ब-रू जो हुए आगही से हम
फिर आँख ही मिला नहीं पाए ख़ुदी से हम
Mohiuddin Qamaruddin Ansari
SHER
क्या हम ही सदा उस के वफ़ादार रहेंगे
क्या सिर्फ़ हमारे ही निवालों में नमक था
Tabrej Raftaar
GHAZAL
किसी को हद से ज़ियादा नहीं बनाऊँगा
मैं जुगनुओं को सितारा नहीं बनाऊँगा
Viru Viyogi
GHAZAL
संग-दिल इतनी ज़िंदगी क्यूँ है
मुश्किलों से भरी पड़ी क्यूँ है
Mohiuddin Qamaruddin Ansari
SHER
अम्बानी बनना है न ही टाटा जैसा बनना है
बच्चों की चाहत है उन को पापा जैसा बनना है
Alok Kumar 'Tabiib'
SHER
ग़स्ब जिस ने किया किसी का हक़
रब उसे ख़ुद सज़ा बड़ी देगा
Vinod Ganeshpure
✦ WRITER
Divy Kamaldhwaj
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