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GHAZAL
माँ ने बचपन में कहा था कान में
सब है जाएज़ इश्क़ के मैदान में
Alok Kumar 'Tabiib'
SHER
ख़ुद को तरतीब दिया आख़िर-ए-कार अज़-सर-ए-नौ
ज़िंदगी में तेरा इन्कार बहुत काम आया
Zafar Iqbal
✦ WRITER
Ankit Maurya
SHER
सहारा छूटने का ग़म बहुत है
मिली हैं ठोकरें अब गिर रहा हूँ
kaunen Raza
GHAZAL
समुंदर का मुसाफ़िर मैं किनारा भूल जाता हूँ
सफ़र का मैं हमेशा ही तरीक़ा भूल जाता हूँ
Pravendra Anuragi
✦ WRITER
Divy Kamaldhwaj
SHER
रास्ते पलकें बिछाएँगे यहाँ
मंज़िलों का रुख़ बदल जाए अगर
Deva morya 'Raahi'
GHAZAL
उसके दिल का बोझ हल्का कर रहे हैं
बाँट कर ग़म उसका आधा कर रहे हैं
MAHESH CHAUHAN NARNAULI
SHER
सब को तेरे बदन की महक आ रही है
मैं हूँ जिस को सड़न की हमक आ रही है
vivek bhatt
SHER
बहुत हसीन था लेकिन उतर गया दिल से
उस एक शख़्स में क्या हुस्न के अलावा था
Shivam Yadav
SHER
तेरा लहजा तलवार होने से पहले
सँभल तो गया वार होने से पहले
Amaan Ali
GHAZAL
रंगों पे एहसान जताने वाला था
मैं तेरी तस्वीर बनाने वाला था
Avtar Singh Jasser
SHER
चले आओ मेरे दिलबर कि अब गुलशन सँवर जाए
तुम्हारे साथ मेरा दिल भी शबनम सा निखर जाए
Aman Alfaaz
GHAZAL
ये मेरी नहीं दिल की आवाज़ है
दग़ाबाज़ थी तू दग़ाबाज़ है
SAAGAR SINGH RAJPUT
GHAZAL
भूली हुई सदा हूँ मुझे याद कीजिए
तुम से कहीं मिला हूँ मुझे याद कीजिए
Saghar Siddiqui
SHER
रण हो या शतरंज की कोई बाज़ी हो
आस सभी को अर्जुन से ही होती है
Sanskar Shrivastav
♫ AUDIO
Saurabh Mehta 'Alfaaz'
(Shayar)
NAZM
तुम्हारा फ़ोन आया है
— Kumar Vishwas
SHER
गिला लिखूँ मैं अगर तेरी बेवफ़ाई का
लहू में ग़र्क़ सफ़ीना हो आश्नाई का
Mohammad Rafi Sauda
SHER
देखे थे जितने ख़्वाब ठिकाने लगा दिए
तुम ने तो आते आते ज़माने लगा दिए
Javed Saba