तेरे दिल से निकले हैं अब बाक़ी दुनिया देखेंगे

तुझ को तो हम देख चुके हैं तुझ से अच्छा देखेंगे

एक नजूमी बोल रहा था आगे का है वक़्त बुरा
तुझ को जाते देख लिया है और बुरा क्या देखेंगे

नींद न आती थी हम को तो इस से दिल बहलाते थे
इस से भी दिल भर आया है कब तक चंदा देखेंगे

अक़्ल लगाई थोड़ी हम ने सोच समझ कर काम लिया
पागल दिल तो बोल रहा था तेरा रस्ता देखेंगे

और ज़रा सा बच कर रहना चाबी भरने वालों से
आप खिलौना बन जाओगे लोग तमाशा देखेंगे

— Prashant Sharma Daraz

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