छोटी है मुझसे मुझपर गुस्सा करती है
    जैसे कोई रानी राजा पर मरती है
    Jasmeet singh 'Meet'
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    राह जो इश्क की तरफ चलती
    में बदल लेता था कदम अपने
    Jasmeet singh 'Meet'
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    जिसके कदमों पर मैंने अपना दिल रक्खा है
    मौला ने उसके होटों पर एक तिल रक्खा है
    Jasmeet singh 'Meet'
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    गुलाल मत लगवाना उस रक़ीब से जाना
    उसने छूना है तेरे होटों को जाना
    Jasmeet singh 'Meet'
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    जाते जाते कह दूंगा उसको
    ये में ख़ुद से हर दिन कहता हूँ
    Jasmeet singh 'Meet'
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    चलना है तेरे कदमों के रक़्स पर
    तेरे अश्क पर कदमों के अक्स पर
    Jasmeet singh 'Meet'
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    दिवाली वो मनायेगी बिना मेरे
    दिये जैसे जला जायेगी दिल मेरा
    Jasmeet singh 'Meet'
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    ख़ूबसूरत नहीं लगा शायद
    लड़का वो भी ग़रीब था शायद
    Jasmeet singh 'Meet'
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    ज़िन्दगी में कभी नहीं करना
    ये मोहब्बत अभी नहीं करना

    अब तुझे छू सकें नहीं मुमकिन
    तुम तवक़्क़ो अभी नहीं करना
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    Jasmeet singh 'Meet'
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    तुम किसे प्यार व्यार करते थे
    तुम तो जिस्मों पे वार करते थे

    सिर्फ़ तुम में नहीं वो खू़बी थी
    हम भी आंखों से वार करते थे
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    Jasmeet singh 'Meet'
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