हिन्दी
0
हिन्दी
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Leaderboard
Login
0
Home
Explore
Submit
Library
Profile
Top 10 of
Kartik tripathi
SHER
इशारा है ख़ुदा का एक दूजे के लिए हैं हम
दुपट्टा तेरा यूँँ नईं फँस रहा मेरी घड़ी में जान
Kartik tripathi
10
SHER
जला कर राख कर दी मैं ने फिर तस्वीर लैला की
उसे लगता था उस सेे ख़ूब-सूरत कोई है ही नइँ
Kartik tripathi
9
SHER
उस को किसी और से शिकायत हो तो शिकवा भी करे
बंदा परेशाँ जो अगर ख़ुद से हो तो क्या ही करे
Kartik tripathi
8
SHER
वो लोग हम ही थे मुहब्बत में जो फिर आगे हुए
वो लोग हम ही थे मियाँ जो दूर भागे जिस्म से
Kartik tripathi
7
SHER
शौक़,लत,आवारगी,अय्याशी में गुज़री हमारी
ज़िन्दगी अब तू मुनासिब सी सज़ा दे गिनती कर के
Kartik tripathi
6
SHER
मैं समझता था सरल है ज़िन्दगी बस फ़िल्म जितनी
डर गया मैं ज़िन्दगी की फिर हक़ीक़त को समझ कर
Kartik tripathi
5
SHER
ऐंठ से आया था बाज़ार-ए-मोहब्बत में कभी जो
रह गया वो लड़का जानाँ ज़ुल्फ़ में तेरी उलझ कर
Kartik tripathi
4
SHER
यार तू भी मानता है हाथ की तहरीर में
मैं समझता था कि हम दो जिस्म और इक जान है
Kartik tripathi
3
SHER
रखा है प्यार हिस्से में परिंदों के
'शजर' की नौकरी बस चोट खानी है
Kartik tripathi
2
SHER
वास्ते तेरे ही मैं कर रहा यहाँ सब कुछ
बैर फिर यूँँ कुछ तुझ सेे बात भी नहीं करनी
Kartik tripathi
1
Radheshyam Tiwari
Beybaar
Divyanshu Tiwari SAHIL
Ankit Yadav
Suryapratap swtantra
Kaffir
Kazim Rizvi
Krishnavat Ritesh
Lekhak Suyash
Aryan Goswami
Get the app