क्यूँँ लगती है तुझको उलझन पायल
तेरे पैरों की है धड़कन पायल
हम जैसों की जान पे बन आती है
जब करती है तेरी छनछन पायल
राधा रानी ने भी बंसी बजाई
और पहन के नाचे मोहन पायल
पहला तोहफ़ा देना हो तो देना
काजल, चूड़ी, बिंदी, कंगन, पायल
हमने सबका दिल ऐसे रक्खा है
जैसे पहने कोई बिरहन पायल
जब-जब भी उन सेे मिलना होता है
'माहिर' बन जाती है दुश्मन पायल
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