Shadab bastavi

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@Shadab_bastavi

Shadab bastavi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shadab bastavi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
जिनके जलने से दमकती हो ये दुनिया 'शादाब'
उन चराग़ों से कभी तुम भी तो सट कर देखो
Shadab bastavi
आख़िरी बार मैं कहता हूँ रक़ीबों सुन लो
देखना जो है तुम्हें दूर से हट कर देखो
Shadab bastavi
उसकी तस्ख़ीर नहीं कोई जहाँ में साक़ी
चाँद लाओ या ज़मीं को ही उलट कर देखो
Shadab bastavi
उदासी रो के ये बोली मैं हूँ दरकार-ए-शादाबी
मैं तेरी आशियाँ की सम्त उसको मोड़ आया हूँ
Shadab bastavi
मैं तेरे वास्ते वो सारे रिश्ते छोड़ आया हूँ
जो मेरी आबरू थे दिल उन्हीं का तोड़ आया है
Shadab bastavi
दुआ करो कि ये शादाब जल्द मर जाए
तुम्हारे हिस्से में आए अजीब सी दुनिया
Shadab bastavi
वो रो रहा है उसे चुप करा दो मत रोए
कि इस जहाँ के लिए रो रहा यही दुनिया
Shadab bastavi
ख़ुदा के बंदे कि शैतान के पुजारी हैं
इबादतों में भी उनके है बस बसी दुनिया
Shadab bastavi
मुनाफ़क़त वफ़ा लज़्ज़त सितम हवस औरत
हमें तो वैसे भी अच्छी लगी नहीं दुनिया
Shadab bastavi
उसे लगा की बहुत ग़ौर करके देखेंगे
हमारे पास से गुज़री गुज़र गई दुनिया
Shadab bastavi
ब-वक़्त-ए-कूच कहीं तब हुआ सुकूँ मुझको
किसी ने कान में बोला की जा रही दुनिया
Shadab bastavi
जो मर रहे हैं उन्हें क्यों हसीं लगी दुनिया
सो इसलिए मुझे लगती है बे-हिसी दुनिया
Shadab bastavi
वो मुझसे रोज़ कहती थी मुझे तुम चाँद लाकर दो
उसे इक आइना देकर अकेला छोड़ आया हूँ
Shadab bastavi
सल्तनत तर्क किया क्यों चुना जंगल उसने
एक राजा ने मुहब्बत यूँ निभाई होगी
Shadab bastavi
क्या चाहते हो तुम ये कोई पूछ ले अगर
माँ के वो मैले हाथ वो आँखों को चूमना
Shadab bastavi