A G Josh

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A G Josh shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in A G Josh's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

फिर उम्र भर कभी न सुकूँ पा सका ये दिल कटने थे जो भी कट गए राहत में चार दिन — A G Josh
उम्र-ए-ख़िज़र की उस को तमन्ना कभी न हो इंसान जी सके जो मोहब्बत में चार दिन — A G Josh

Ghazal

गुज़रे जो अपने यारों की सोहबत में चार दिन ऐसा लगा बसर हुए जन्नत में चार दिन उम्र-ए-ख़िज़र की उस को तमन्ना कभी न हो इंसान जी सके जो मोहब्बत में चार दिन जब तक जिए निभाएँगे हम उन से दोस्ती अपने रहे जो दोस्त मुसीबत में चार दिन ऐ जान-ए-आरज़ू वो क़यामत से कम न थे काटे तेरे बग़ैर जो ग़ुर्बत में चार दिन फिर उम्र भर कभी न सुकूँ पा सका ये दिल कटने थे जो भी कट गए राहत में चार दिन जो फ़क़्र में सुरूर है शाही में वो कहाँ हम भी रहे हैं नश्शा-ए-दौलत में चार दिन उस आग ने जला के ये दिल राख कर दिया उठते थे 'जोश' शो'ले जो वहशत में चार दिन — A G Josh