Abdul Ahad Saaz

Abdul Ahad Saaz

@abdul-ahad-saaz

Abdul Ahad Saaz shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Abdul Ahad Saaz's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

आई हवा न रास जो सायों के शहर की हम ज़ात की क़दीम गुफाओं में खो गए — Abdul Ahad Saaz
बचपन में हम ही थे या था और कोई वहशत सी होने लगती है यादों से — Abdul Ahad Saaz
बुरा हो आईने तेरा मैं कौन हूँ न खुल सका मुझी को पेश कर दिया गया मेरी मिसाल में — Abdul Ahad Saaz
शे'र अच्छे भी कहो सच भी कहो कम भी कहो दर्द की दौलत-ए-नायाब को रुस्वा न करो — Abdul Ahad Saaz
दोस्त अहबाब से लेने न सहारे जाना दिल जो घबराए समुंदर के किनारे जाना — Abdul Ahad Saaz
पस-मंज़र में 'फ़ीड' हुए जाते हैं इंसानी किरदार फ़ोकस में रफ़्ता रफ़्ता शैतान उभरता आता है — Abdul Ahad Saaz

Ghazal

सोच कर भी क्या जाना जान कर भी क्या पाया जब भी आईना देखा ख़ुद को दूसरा पाया होंट पर दिया रखना दिल-जलों की शोख़ी है वर्ना इस अँधेरे में कौन मुस्कुरा पाया बोल थे दिवानों के जिन से होश वालों ने सोच के धुँदलकों में अपना रास्ता पाया एहतिमाम दस्तक का अपनी वज़' थी वर्ना हम ने दर रसाई का बार-हा खुला पाया फ़लसफ़ों के धागों से खींच कर सिरा दिल का वहम से हक़ीक़त तक हम ने सिलसिला पाया उम्र या ज़माने का खेल है बहाने का सब ने माजरा देखा किस ने मुद्द'आ पाया शा'इरी तलब अपनी शा'इरी 'अता उस की हौसले से कम माँगा ज़र्फ़ से सिवा पाया 'साज़' जब खुला हम पर शे'र कोई 'ग़ालिब' का हम ने गोया बातिन का इक सुराग़ सा पाया — Abdul Ahad Saaz