Aghaz Barni shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Aghaz Barni's shayari and don't forget to save your favorite ones.
Followers
0
Content
8
Likes
1
Shayari
Audios
Ghazal
बे-हिसी इंसान का हासिल न हो दोस्ती हो रेत का साहिल न हो
मैं तो बस ये चाहता हूँ वस्ल भी दो दिलों के दरमियाँ हाएल न हो
मुझ को तन्हा छोड़ने वाले बता क्या करूँ जब दिल तिरी महफ़िल न हो
किस तरह मेरी ज़बाँ तक आएगा हर्फ़ जो सच्चाई का हामिल न हो
ये ज़माना चाहता है आज भी ख़ून-ए-दिल तहरीर में शामिल न हो
जिस तरफ़ ले जा रही है ज़िंदगी उस तरफ़ भी कूचा-ए-क़ातिल न हो
आदमिय्यत के लिए ये शर्त है आदमी कुछ हो मगर साइल न हो