10
4 Likes
तेरी कश्ती रवानी में वो आनी भी नहीं देंगे
तुझे पहचान अपनी ही बनानी भी नहीं देंगे
तुझे पहचान अपनी ही बनानी भी नहीं देंगे
वफ़ादारी लुटाई तू ने कुछ ऐसे ही लोगों पर
जो तुझ को ही तिरे हिस्से का पानी भी नहीं देंगे
9
1 Like
समुंदर पार करना है तभी कश्ती पे बैठा हूँ
किनारे पर पहुँचना है अभी लहरों से लड़ना है
किनारे पर पहुँचना है अभी लहरों से लड़ना है
ये जो मज़लूम लोगों की सदा जिन को नहीं आती
मुझे मज़लूम की ख़ातिर ही उन बहरों से लड़ना है
8
1 Like
भँवर में जब कभी भी सामना मझदार का होना
ज़रूरी भी है कश्ती के लिए पतवार का होना,
ज़रूरी भी है कश्ती के लिए पतवार का होना,
वतन की नीव हैं हम तो अलग हो ही नहीं सकते
कभी देखा है ख़बरों के बिना अख़बार का होना
7
1 Like
परिंदों खुल के उड़ना है परिंदों खुल के जीना है
परिंदों अब किसी सय्याद के झाँसे में मत आना
परिंदों अब किसी सय्याद के झाँसे में मत आना
6
2 Likes
जहाँ क़ातिल भी मिलते हों जहाँ बिकते हो मुंसिफ़ भी
वहाँ मुश्किल सा हो जाता है हक़ में फ़ैसला होना
वहाँ मुश्किल सा हो जाता है हक़ में फ़ैसला होना
4
1 Like
जहाँ हर शाम पंछी को शजर ही याद आता है
मैं दफ़्तर से निकलता हूँ तो घर ही याद आता है
मैं दफ़्तर से निकलता हूँ तो घर ही याद आता है
3
1 Like
2
1 Like










