Aslam Ansari

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@aslam-ansari

Aslam Ansari shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Aslam Ansari's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

फिर धड़कते हैं दिल-ए-इंसाँ में फ़र्दा के ख़याल फिर हवाओं ने ज़मीं पर ला उतारा कोई ख़्वाब — Aslam Ansari

Ghazal

उम्र के आँगन में बेलें बन के फैला कोई ख़्वाब जैसे जीने के लिए काफ़ी हो तन्हा कोई ख़्वाब सोचिए क्या मौज-ए-गुल से भी कोई लब तर हुआ देखिए साहिल पे रह जाए न प्यासा कोई ख़्वाब रंग-ओ-सूरत दो अलग शख़्सिय्यतें हैं इस लिए दोनों कहते हैं हमें दीजे हमारा कोई ख़्वाब वाहिमों की ज़द से बचने को सफ़र जारी रखो तुम ज़रा ठहरे कि साया बन के उलझा कोई ख़्वाब फिर धड़कते हैं दिल-ए-इंसाँ में फ़र्दा के ख़याल फिर हवाओं ने ज़मीं पर ला उतारा कोई ख़्वाब उस को ख़्वाबों से ज़ियादा रत-जगों का शौक़ था उस की पलकों पर इसी बाइ'से न ठहरा कोई ख़्वाब संग-पारों की ज़बाँ होती तो शायद माँगते कोई चेहरा कोई पैकर कोई शो'ला कोई ख़्वाब क्या तमाशा-गाह में उस के लिए मंज़र न थे या उसे मसरूफ़ रखता है उसी का कोई ख़्वाब शोर-ए-दुनिया में सिसकती है सदा-ए-दिल कहीं ज़िंदगी तश्कील दे नग़्मात जैसा कोई ख़्वाब — Aslam Ansari