Azhar Abbas

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Azhar Abbas shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Azhar Abbas's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

हँसी मज़ाक़ की बातें यहीं पे ख़त्म हुईं अब इस के बा'द कहानी रुलाने वाली है — Azhar Abbas
हर एक शख़्स का ये हाल है कि जैसे यहाँ ज़मीन आख़िरी चक्कर लगाने वाली है — Azhar Abbas
यूँ तो हर एक शख़्स का अपना ही शोर है लेकिन किसी से कोई यहाँ बोलता नहीं — Azhar Abbas
तू कहानी के बदलते हुए मंज़र को समझ ख़ून रोते हुए किरदार की जानिब मत देख — Azhar Abbas

Ghazal

अपने वीराने का नुक़सान नहीं चाहता मैं या'नी अब दूसरा इंसान नहीं चाहता मैं कट गई जैसी भी कटनी थी यहाँ धूप के साथ अब किसी साए का एहसान नहीं चाहता मैं मर रहा हूँ मैं यहाँ और वो कहता है मुझे ना-मुकम्मल तेरा ईमान नहीं चाहता मैं पास आ कर न बढ़ा और परेशानी-ए-दिल फिर किसी इश्क़ का सामान नहीं चाहता मैं तू मोहब्बत में यूँ ही जान गँवा बैठेगा जा चला जा कि तेरी जान नहीं चाहता मैं चाहता हूँ कि यहाँ फूल खिले हों हर-सू या'नी ये जंग का मैदान नहीं चाहता मैं मैं जो चुप हूँ तो उसे आप ग़नीमत जानें देखिए शहर में तूफ़ान नहीं चाहता मैं — Azhar Abbas
देख क़िंदील रुख़-ए-यार की जानिब मत देख तेज़ तलवार है तलवार की जानिब मत देख बोल कितनी है तेरे सामने क़ीमत मेरी छोड़ बाज़ार को बाज़ार की जानिब मत देख देखना है तो मुझे देख कि मैं कैसा हूँ मेरे उजड़े हुए घर-बार की जानिब मत देख और बढ़ जाएगी तन्हाई तुझे क्या मालूम ऐसी तन्हाई में दीवार की जानिब मत देख आगे निकला है तो फिर आगे निकलता चला जा पीछे हटते हुए सालार की जानिब मत देख तू मेरे सामने आया है तो फिर देख मुझे मेरी टूटी हुई तलवार की जानिब मत देख तू कहानी के बदलते हुए मंज़र को समझ ख़ून रोते हुए किरदार की जानिब मत देख तेरा दिल ही न कहीं काट के रख दे 'अज़हर' आँख से गिरती हुई धार की जानिब मत देख — Azhar Abbas