Ehsan Asghar

Ehsan Asghar

@ehsan-asghar

Ehsan Asghar shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Ehsan Asghar's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

0

Content

2

Likes

0

Shayari
Audios
  • Ghazal
ऐसी ही ज़मीं बना रहा था
पर और कहीं बना रहा था

उस बुत ने जहाँ बनाया था बुत
मैं बरसों वहीं बना रहा था

मैं रात बना रहा था लेकिन
तारीक नहीं बना रहा था

सूरज तो बना रहा था रुख़्सार
महताब जबीं बना रहा था

उन आँखों को चूमता हवा में
कुछ और हसीं बना रहा था

अफ़सोस वो बन नहीं सका जो
मैं अपने तईं बना रहा था

मारा गया बद-गुमानियाँ में
बेचारा यक़ीं बना रहा था
Read Full
Ehsan Asghar
चमकते सूरज उछालते थे कहाँ गए वो
जो शामें सुब्हों में ढालते थे कहाँ गए वो

बदन में लर्ज़िश कि दिन ढला जा रहा है फिर से
जो दिन से गर्दिश निकालते थे कहाँ गए वो

अभी तो हाथों में हिद्दतें उन के हाथ की हैं
अभी तो हम को सँभालते थे कहाँ गए वो

उतारते थे गुबार-ए-लैल-ओ-निहार रुख़ से
और आइनों को उजालते थे कहाँ गए वो

वो शाख़चे छू के सब्ज़ करने के फ़न से वाक़िफ़
जो फूल हाथों में पालते थे कहाँ गए वो

जो इस्म पढ़ते थे रौशनी का सियह-शबों में
जो लौ चराग़ों में डालते थे कहाँ गए वो
Read Full
Ehsan Asghar