Habiba Ikram

Habiba Ikram

@hbaibaikram

Habiba Ikram shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Habiba Ikram's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

1

Content

5

Likes

3

Shayari
Audios
  • Sher
लम्हे भर को नज़र आए थे मगर आज तलक
रूह सरशार है आँखों के उजाले न गए
Habiba Ikram
दिल लगाया ही नहीं मैंने कभी तेरे सिवा
रास आई ही नहीं कोई ख़ुशी तेरे सिवा
Habiba Ikram
तेरी निगाहें मोहब्बत है बेरुख़ी की तरह
हम एक शहर में रहते हैं अजनबी की तरह
Habiba Ikram
कभी जो तुमने मुहब्बत में ला के दी थी मुझे
बँधी है मेरी कलाई पे वो घड़ी अब तक
Habiba Ikram
रफ़्ता रफ़्ता मचल रही है हवा
अपना लहजा बदल रही है हवा
Habiba Ikram