Hina Rizvi

Hina Rizvi

@hina-rizvi

Hina Rizvi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Hina Rizvi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

0

Content

6

Likes

48

Shayari
Audios
  • Sher
  • Ghazal

Sher

नफ़रत धोका बुग़्ज़ तअ'स्सुब झूट दिखावा ख़ुद-ग़रज़ी कैसे कैसे ज़हर भरे हैं इंसाँ की शिरयानों में — Hina Rizvi
कौन कहता है कि हर शख़्स फ़रिश्ता हो जाए आदमी थोड़ा तो इंसान के जैसा हो जाए — Hina Rizvi
हार उस की जीतने का शौक़ मेरा ले गई फिर मुझे हारा हुआ हर मरहला अच्छा लगा — Hina Rizvi
कभी अश्कों को भी कुछ दर्द उठाने दीजे दिल का हर बोझ तबस्सुम पे न डाला जाए — Hina Rizvi

Ghazal

कौन कहता है के हर शख़्स फ़रिश्ता हो जाए आदमी थोड़ा तो इंसान के जैसा हो जाए कितना मा'सूम नज़र आता था बचपन में मेरे आइने में मेरा फिर से वही चेहरा हो जाए फिर बला कोई मेरे पास से गुज़रे कैसे जब दुआ माँ की मेरे सर का दुपट्टा हो जाए आँधियों को ये गुमाँ है कि बुझा देंगी चराग़ और चराग़ों को ये ज़िद है कि उजाला हो जाए टूट सकता है किसी पल भी समुंदर का ग़ुरूर मुँह अगर मोड़ लें दरिया तो ये प्यासा हो जाए जोड़ना आता है टूटे हुए शीशों को मुझे बस जो बाल आए दुआ ये है कि धुँदला हो जाए बद-दुआ' कब थी मगर हाँ मुझे आया था ख़याल इश्क़ जिस से है उसे वो भी किसी का हो जाए — Hina Rizvi
वो आसमाँ है तो हो मैं ज़मीन हूँ ख़ुश हूँ अना के शहर में जब से मकीन हूँ ख़ुश हूँ ये जानती हूँ के रहते हैं साँप इस में मगर अभी भी पहने वही आस्तीन हूँ ख़ुश हूँ ख़िज़ाँ के दश्त में जश्न-ए-बहार भी होगा न जाने किस लिए यूँँ पुर-यक़ीन हूँ ख़ुश हूँ सुना है छोड़ के मुझ को वो कुछ उदास सा है मैं उस की याद की अब तक अमीन हूँ ख़ुश हूँ ज़माना ज़ाहिरी सूरत में ऐब ढूँढ़ता है मुझे गुमाँ है कि दिल से हसीन हूँ ख़ुश हूँ वो आफ़्ताब है चर्चा है चार सू उस का मैं इक चराग़ हूँ गोशा-नशीन हूँ ख़ुश हूँ 'हिना' पे रंग-ए-इबादत फ़क़त ख़ुदा का रहा वो सज्दा-रेज़ मुनव्वर-जबीन हूँ ख़ुश हूँ — Hina Rizvi