Ibn-ul-Hasan

Ibn-ul-Hasan

@ibn-ul-hasan

Ibn-ul-Hasan shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Ibn-ul-Hasan's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

0

Content

1

Likes

0

Shayari
Audios
  • Ghazal
खिड़की खोलो कुछ तो यहाँ भी ताज़ा नर्म हवा आए
मंज़र सहन-ए-चमन का उभरे बू-ए-दर्द-रुबा आए

बे-जाँ फ़न में जान सी आए ज़ख़्म-ए-तमन्ना ताज़ा हो
याद में रंग हिना का लहके रक़्स में बाद-ए-सबा आए

माह-गज़ीदा रात है साकित जैसे कोई आईना
ओस के सब्ज़े पर गिरने की सन्नाटे में सदा आए

फ़ज़्ल-ए-ख़िज़ाँ के सूखे पत्ते हाँप रहे हैं साए में
साया अपने तह-ख़ानों में जाए उन्हें पहुँचा आए

पहरों दिल से बातें कर के चैन से बैठे हैं ऐसे
जैसे जो कुछ भी कहना था दुनिया-भर को सुना आए

नहर पे साया-बार शजर के जाल से मौजें उलझी हैं
कोई 'हसन' उस उलझा दे कोई जाए ज़रा सुलझा आए
Read Full
Ibn-ul-Hasan