Jalaluddin Akbar

Jalaluddin Akbar

@jalaluddin-akbar

Jalaluddin Akbar shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Jalaluddin Akbar's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Ghazal
ख़ामोश हैं लब और आँखों से आँसू हैं कि पैहम बहते हैं
हम सामने उन के बैठे हैं और क़िस्सा-ए-फ़ुर्क़त कहते हैं

अब हुस्न-ओ-इश्क़ में फ़र्क़ नहीं अब दोनों की इक हालत है
मैं उन को देखता रहता हूँ वो मुझ को देखते रहते हैं

उन की वो हया वो ख़ामोशी अपनी वो मोहब्बत की नज़रें
वो सुनने को सब कुछ सुनते हैं हम कहने को सब कुछ कहते हैं

इस शौक़-ए-फ़रावाँ की यारब आख़िर कोई हद भी है कि नहीं
इंकार करें वो या वा'दा हम रास्ता देखते रहते हैं

हमदर्द नहीं हमराज़ नहीं किस से कहिए क्यूँ कर कहिए
जो दिल पे गुज़रती रहती है जो जान पे सदमे सहते हैं

आ देख कि ज़ालिम फ़ुर्क़त में क्या हाल मिरा बेहाल हुआ
आहों से शरारे झड़ते हैं आँखों से दरिया बहते हैं

'अकबर' शायद दिल खो बैठे वो जलसे वो अहबाब नहीं
तन्हा ख़ामोश से फिरते हैं हर वक़्त उदास से रहते हैं
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Jalaluddin Akbar